इस दौरान न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रहा और न ही संक्रमण फैलने का। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोगों को पैदल जाना भी जारी रहा। यूपी सरकार ने गाजियाबाद से 200 बसें प्रदेश के कई हिस्सों में भेजने का फैसला लिया। शाम तक करीब सवा सौ बसें कौशांबी बस अड्डा, लालकुआं और यूपी गेट से रवाना की गईं। उधर, यूपी और दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में भीड़ जमा है। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

इस दौरान न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रहा और न ही संक्रमण फैलने का। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोगों को पैदल जाना भी जारी रहा। यूपी सरकार ने गाजियाबाद से 200 बसें प्रदेश के कई हिस्सों में भेजने का फैसला लिया। शाम तक करीब सवा सौ बसें कौशांबी बस अड्डा, लालकुआं और यूपी गेट से रवाना की गईं। उधर, यूपी और दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में भीड़ जमा है। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।


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शुक्रवार रात भर लोग एनचए-25, दिल्ली-मेरठ हाइवे, दिल्ली-मथुरा हाइवे, दिल्ली-नोएडा हाइवे, यमुना एक्सप्रेस वे होकर यूपी की तरफ जाते रहे। सुबह सूचना मिली कि यूपी सरकार लोगों को ले जाने के लिए बस का इंतजाम कर रही है। इसके बाद अचानक से गाजीपुर के नजदीक भीड़ बढ़ गई। बस दिखते ही लोग पर उसमें बैठने के लिए टूट पड़ते, जिसे संभालने के लिए पुलिस का काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सोशल डिस्टेंसिंग पालन कराने में आ रही मुश्किलें ईडीएमसी के प्रमुख पदाधिकारी संदीप कपूर का कहना है कि राशन बांटने के दौरान लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो रही है। इससे कई जगहों पर राशन या भोजन बांटने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
मंडावली इलाके के सुनील कुमार का कहना है कि दुकान बहुत कम समय के लिए खुल रही है। इसके कारण कुछ ही लोगों को राशन मिल पाता है। उसके बाद दुकान बंद कर दी जाती है।
खाना न मिल रहा हो तो 1031 नंबर पर करें फोन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को कई बार आश्वस्त किया है कि वे राजधानी में किसी भी गरीब को भूखे नहीं रहने देंगे। इसके लिए एक तरफ तो राशन केंद्रों में राशन दिया जा रहा है, वहीं लोगों को तैयार खाना भी खिलाया जा रहा है।
प्याज की औसत कीमत 10,000 से 10,300 रुपए रही। सोमवार दिसंबर का पहला कारोबारी दिन था।
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